बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे आज। 20 कुंतल फूलों से सजाया गया बदरीनाथ धाम। DEVBHOOMINEWS ।

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बदरीनाथ धाम: कपाट बंद होंगे आज।
बदरीनाथ धाम: कपाट बंद होंगे आज। चारधाम यात्रा का भी विधिवत होगा समापन
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही आज चारधाम यात्रा का भी विधिवत समापन हो जाएगा। कपाट वृष लग्न में शाम 6 बजकर 45 मिनट पर बंद किए जाने है। इसके लिए मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर की सजावट में करीब 20 क्विंटल फूलों का उपयोग किया गया है। मंदिर के कपाट बंद होने से पहले आज कपाट बंद करने से पहले रावल फिर स्त्री वेश धारण कर मां लक्ष्मी को गर्भगृह में स्थापित करेंगे। इसके बाद शीतकाल के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
गेदां, गुलाब, कमल से सजाया गया बदरीनाथ मंदिर को
कपाटबंदी को यादगार बनाने के लिए बदरीनाथ पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश की ओर से मंदिर को गेंदा, गुलाब, कमल आदि के फूलों व पत्तियों से सजाया गया है। पौराणिक मान्यता और पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार बदरीनाथ कपाट खुलने से पहले बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार के आगे सभा मंडप के मुख्य द्वार पर परिसर में विधिवत तौर पर भगवान श्री गणेश और भगवान श्री बदरी विशाल का आह्वान कर धर्माधिकारी और वेदपाठियों ने पूजा शुरू की।
बदरीनाथ के कपाट खोलने वाली चाबियों की होगी पूजा अर्चना
पौराणिक मान्यता और पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार बदरीनाथ कपाट खुलने से पहले बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार के आगे सभा मंडप के मुख्य द्वार पर परिसर में विधिवत तौर पर भगवान श्री गणेश और भगवान श्री बदरी विशाल का आह्वान कर धर्माधिकारी और वेदपाठियों ने पूजा शुरू की। जिन चाबियों से द्वार के ताले खोले जाते हैं, पहले उन चाबियों की पूजा अर्चना की जाती है। पहला ताला टिहरी महाराजा के प्रतिनिधि के रूप में राजगुरु नौटियाल के द्वारा खोला जाता है। उसके बाद मंदिर के हक हकूकधारी मेहता थोक व भंडारी थोक के प्रतिनिधियों द्वारा ताले खोले जाते हैं।

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