जाेशीमठ: आज़ादी के सात दशक बाद आज भी, विकास की राह देखता डुमक कलगाेठ गांव

Posted on : April 16, 2017
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जाेशीमठ विकासखँड के सबसे दूरस्त गांव डुमक कलगाेठ आजादी के सात दशक बाद आज भी विकास की बाट जाेहता हुआ मुख्य धारा से अलग थलग पडा हुआ है. जाेशीमठ तहसील मुख्यालय से उर्गम घाटी हाेकर १० किमी० की विकट चढाई पार कर बजीर देवता के इस खूबसूरत गांव डुमक पहुचा जाता है. यहांपर आवाजाही हेतु सड़क मार्ग की बात सिर्फ कल्पनाओं में ही कर सकते है,आज भी यहांपर न स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध है,और न सडक,न संचार,और न बेहतर भविष्य की सीढी चढनें काे उच्च विद्दालय और अध्यापक,न ही यहां १२ माह की बिजली आपूर्ती,खाद्दान संकट अलग,१५ से २० किमी० प्रतिदिन विकट चढाई तर कर ग्रामीणाें काे आज भी पाखी,पीपलकाेटी,जाेशीमठ से अपनी पीठ पर राशन लादकर गांव तक पहुचना पडता है.

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