गौं गुठ्यारों का दर्द, अपने गढ़वाल का दर्द, क्या महसूस होता है आपको?

Posted on : January 10, 2017
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सरकार ढोल पीट रही है कि पलायन रूक रहा है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। सुविधाओं के अभाव में जी रहे गांव के लोगों के पांव के छाले सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं। दिखाते हैं आपको पौड़ी गढ़वाल का एक ऐसा गांव जहां सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य दम तोड़ती हालत में है। पौड़ी गढ़वाल के ब्लाक कल्जीखाल का थापला गांव सड़क से 2 किमी की पैदल दूरी पर है। आधे से अधिक गांव यहां अब तक पलायन कर चुका जबकि शेष गांव के लोगों की जिन्दगी तूफानों से घिरी हुई है। गांव का पैदल रास्ता भी ऐसा कि पांव फिसलते ही दुर्घटना तय है। यहां गांव में सड़क को स्वीकृति तो मिली लेकिन सड़क निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया है और कारण बजट का अभाव बताया गया वहीं इस गांव के दो प्राइमरी स्कूल भी बंदी की कगार पर हैं। ऐसे में सुविधाओं से जूझते इस गांव का हालत पर अमल अब तक नहीं तक न हो पाना सरकारी की दलीलों की पोल खोलता नजर आता है।ग्रामीणों की इस हालत पर अन्य लोगों को तो तरस आता है लेकिन वोट लेकर कुर्सियों तक पहुंचे नेता बिल्कुल खामोश हैं और सत्ता काबिज करने के लिये एक बार फिर वोट मांगने पर स्थिति सुंधारने की दलीले पेश कर रहे हैं। गांव में मूलभूत सुविधा पाने के लिये ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को चुनकर सत्ता तक तो पहुंचकर स्थिति सुधरने की ख्वाब देखते हैं लेकिन हकीकत में सत्ता ही बदली गांवों की तस्वीरें नही।

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