एक बार फिर अपनी राजनीतिक गायकी को लेकर तैयार हैं नरेंद्र दा

Posted on : December 5, 2016
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मैदानी क्षेत्रों को छोड़ अब पहाड़ में भी गढ़वाली वाद्वय यंत्रों के विलुप्त होने पर गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने चिंता जाहिर की और कहा कि हमें ही अपने इन वाद्य्य यंत्रों को बचाने के लिए आगे आना होगा। यदि हम उनको प्रोत्साहित करेंगें तो निशिचत ही उनको बढ़ावा मिलेगा।

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