Wed. Apr 1st, 2020

निर्भया केस: फांसी से पहले गिड़गिड़ा विनय, तिहाड़ में सुबह 4 से 6 बजे के बीच क्या हुआ

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निर्भया गैंगरेप और मर्डर के चारों दोषियों मुकेश, अक्षय, विनय और पवन को शुक्रवार सुबह तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया. सात साल से ज्यादा लंबे समय के बाद आखिरकर निर्भया को इंसाफ मिल गया. चारों दोषी आखिरी वक्त तक फांसी टलवाने की कोशिश करते रहे. फांसी होने से दो घंटे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आखिरी याचिका खारिज की. इससे पहले रात में दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई की गई. लेकिन वहां भी उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी, जिसके बाद इनका वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. निर्भया के चारों दोषी रात भर नहीं सोए और पुलिसवालों से पूछते रहे कि क्या कोर्ट से कोई नया आदेश आया है. 

फांसी से पहले चारों दोषियों में से सिर्फ मुकेश और विनय ने ही रात का खाना खाया, लेकिन पवन और अक्षय ने खाना नहीं खाया. दोषियों के वकील एपी सिंह ने आरोप भले ही लगाया कि दोषियों को परिवार से नहीं मिलने दिया जा रहा है, लेकिन दोषी मुकेश के परिवार ने फांसी से कुछ देर पहले आखिरी मुलाकात की. सभी दोषियों ने बेचैनी में आखिरी रात गुजारी. पूरी रात सभी दोषी सो नहीं पाए. दोषियों से नाश्ते के लिए भी पूछा गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. चारों को तिहाड़ की जेल नंबर 3 में रखा गया. इनमें एक वार्ड नंबर 1 में, दूसरा वार्ड नंबर 7 की सेल में और बाकी दो को नंबर 8 सेल में रखा गया था. इन सेल के रास्ते सीधे फांसी वाली जगह तक जुड़ते हैं. फांसी से पहले विनय बुरी तरह से गिड़गिड़ा रहा था और कह रहा था कि मुझे माफ कर दो. जब फांसी से पहले उनकी आखिरी इच्छा पूछी गई कि पूजा करनी है या कुछ और? लेकिन चारों ने इसका कोई जवाब नहीं दिया.

रात भर चारों दोषियों पर इस बारीकी से नजर रखी गई, अलग से एक 15 लोगों की टीम तैनात की गई. उधर फांसी देने वाला पवन जल्लाद पहले से ही जेल में मौजूद था. सुबह 5 बजे दोषियों को काला कपड़ा पहनाया गया. तिहाड़ जेल में पूरी तरह लॉकडाउन किया गया था. जेल के बाहर अर्धसैनिक बल भारी संख्या में तैनात किए गए थे. डीजी तिहाड़ जेल भी मौके पर पहुंचे. इसके बाद जेल अधिकारियों ने फांसी घर का जायजा लिया है. तिहाड़ में पहली बार चारों दोषियों को एक साथ फांसी देने की तैयारी की गई थी. फांसी के लिए करीब 10 फीट का तख्ता पहले से तैयार था.

इसके बाद चारों दोषियों को फांसी घर ले जाया गया. सभी आरोपियों के मुंह पर कपड़ा बांधने के अलावा उनके हाथ-पैर बांध दिए गए. इसके बाद चारों दोषियों को फांसी घर ले जाया गया. सभी आरोपियों के मुंह पर कपड़ा बांधने के अलावा उनके हाथ-पैर बांध दिए गए. तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि दोषियों की ओर से जेल में कमाए गए पैसों को उनके परिवारवालों को दिए जाएंगे. इसके अलावा उनके कपड़े और सभी सामान भी परिवारवालों को दिए जाएंगे.

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