Sat. Jan 25th, 2020

35 वार्डो को कूडा उठान का इंतजार

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देहरादून। इन दिनों नगर निगम देहरादून के द्वारा स्वच्छता अभियान के लिए शहर में बडे-बडे होर्डिंग्स लगाए गए हैं जिसमें आम जन से स्वच्छता अभियान में भाग लेने की अपील की जा रही है और तो और स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए वोट देने के लिए भी कहा जा रहा है। घंटाघर के आसपास अपील के बोर्ड भी लगाए गए हैं। नगर निगम स्वच्छता को लेकर कितना जागरूक है इसका अंदाजा यदि लगाना हो तो उन 35 वार्डो का भ्रमण किया जाए जो नगर निगम में नये शामिल हुए थे। यह वार्ड सच्चाई को स्वयं बयां कर देंगे। उम्मीद थी कि बीते वर्ष नये 35 वार्डो से कूडा उठान का कार्य शुरू हो जाएगा लेकिन एक-एक दिन कर साल बीत गया। मगर निगम को 35 वार्डो से कूडा उठान की याद तक नही आयी। जब एक शहर के 35 वार्डो में कूडा उठान का कार्य तक शुरू नही हुआ क्या वहां का नगर निगम स्वच्छता अभियान के दावे करने के काबिल है। इसका जवाब निगम के अधिकारी नही बल्कि जागरूक नागरिको को खुद तलाशना होगा। वर्तमान समय में तो यही देखा जा रहा है कि निगम दावे तो बडे-बडे करता है लेकिन उसके दावे धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड देते हैं। निगम आखिर गैर जिम्मेदाराना क्यो हो रहा है इसका जवाब तो किसी के पास नही है लेकिन सच्चाई यही है कि शहर स्वच्छता के मामले में पिछड चुका है और तो और संुदर दून का नारा न जाने कहां खो कर रह गया। अब तो केवल भेडचाल बची है। यदि दिल्ली से कोई नारा गूंजे तो उसके पीछे लग जाना है। बेशक नारे का अर्थ तक किसी के पल्ले न पडा हो। बहराल बात हो रही है 35 उन नये वार्डो की जो निगम में शामिल हुए थे। इन 35 वार्डो में कूडा उठान का इंतजार पिछले साल से किया जा रहा है। वार्डो में निवास करने वाले लोगो को अभी तक राहत नही मिली है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दो तीन माह के भीतर नये वार्डो से डोर-टू-डोर कूडा उठान की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। नगर निगम के सीमा विस्तार के बाद वार्डो की संख्या 60 से बढकर 100 हो गयी है। इस दौरान पूराने वार्डो में तो नगर निगम ने पीपीपी मोड में कूडा उठान शुरू कर दिया लेकिन नये 35वार्डो में व्यवस्था लागू नही हो पायी जिसके चलते वहां के घरो से रोजाना कूडा उठान नही हो पा रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि वर्ष 2019 में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी लेकिन ऐसा नही हो पाया।

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