Sat. Jan 25th, 2020

सम्पति को नष्ट करने का अधिकार किसने दिया

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देहरादून। ये कैसा आन्दोलन ? जिसमें हिंसा और आगजनी? हमारे टैक्स के पैसे से बनी सम्पति को नष्ट करने का अधिकार किसने दिया। हताश  निराश थके मन के लोग जब अपनी बात समझा नहीं पाते ,  जनता  की नजरों में जो चूक गये हैं, वे जब कुछ नहीं पाते तो हिंसा का सहारा, आगजनी और अराजकता का सहारा लेते हैं।  दंगा फैलाते हैं।  राष्ट्रीय सम्पत्ति का सरे आम नुकसान कराते हैं, जिससे कि जन गण मन का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हो।  आज देश का बर्तमान बिपक्ष इसी काम में जुट गया है। देश के किस मुस्लिम भाई को नागरिक अधिकार बिल से खतरा हो सकता है? जो देश का मुस्लिम भाई नागरिक हैं,  उसके अधिकार में तो कहीं कोई कटौती तो हुई नहीं है,  और न हो ही सकेगी।  हां जो बंगलादेशी घुसपैठिये हैं, पाकिस्तान के घुसपैठिये हैं, बर्मा रंगून के जो रोहिंग्या हैं, तो उनके लिए देश को आग के हवाले कराने में जुट गया है बिपक्ष? पाकिस्तान, बांगलादेश के जो हिन्दू भाई  भारत में शरण लेकर  नारकीय जीवन से मुक्ति चाहते हैं, उन्हीं के बिरोध में देश में आग लगवा रहा है बिपक्ष? ये बिपक्ष के लोग अगर अपनी बात कहना चाहते हैं तो जन सभाएं करके जनमानस से संबाद क्यों नहीं करते?  देश को आग के हवाले करनें में क्यों जुट गये? जिन्हे भारत के नागरिकों से प्रेम होगा,  जिन्हें भारत भूमि से प्रेम होगा,  जिन्हें भारत मां धन बैभव और गौरव से प्रेम होगा, सच! वे अराजकता नहीं फैलायेंगे, आगजनी, तोड फोड, हिंसा नहीं करायेंगे। अपितु ऐसे कृत्यों की सार्बजनिक निन्दा भी करेंगे। किसी को मोदी, शाह  से परेशानी है तो जनता में जाये, जनता को समझाए। पर देश में आग ही क्यों लगवाये, ?  दंगा ही क्यों करवाये हिंसा ही क्यों करवाये?  संबिधान की दुहाई देने वाले आन्दोलन कारी,  बिपक्षी नेता ये तो बतायें कि संबिधान के किस अनुच्छेद,  किस धारा,  किस उपबन्ध और नियम में आगजनी, हिंसा, दंगा, राष्ट्रीय सम्पदा की क्षति बैथानिक है? भारत के माननीय प्रधान मन्त्री  नरेन्द्र मोदी और गृहमन्त्री अमित शाह से अनुरोध है कि आगजनी, हिंसा, अराजकता, दंगा फसाद के जिम्मेदारों से चुन चुन कर हिसाब लें तथा उनके बिरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करें। देश की जनता सी.ऐ.ऐ. और एन आर सी के साथ है।

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