Thu. Dec 12th, 2019

सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया सदन से वॉकआउट

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देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्ष ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया। आज सत्र के आगाज के साथ ही विपक्ष महंगाई के मुद्दे पर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की जिद पर अड़ गया। प्रतीकात्मक तौर पर महंगाई को दिखाने के लिए विपक्ष के कुछ सदस्य गले में प्याज और लहसुन की माला पहन कर सदन में पहुंचे। उनके हाथों में गैस के सिलेंडर की आकृति वाले कटआउट भी थे।

सदन में कटआउट लाने पर स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने नाराजगी जाहिर की और विपक्ष को ऐसा न करने की नसीहत दी। अलबत्ता उन्होंने नियम 58 में ग्राहयता पर सुनने की अनुमति दी। प्रश्नकाल के बाद कार्य स्थगन के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश, विधायक प्रीतम सिंह समेत सदन में उपस्थित विपक्ष के  सभी सदस्यों ने महंगाई के बहाने नोटबंदी, जीएसटी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने प्याज, पेट्रोल, डीजल व अन्य वस्तुओं की मूल्यवृद्धि के तुलनात्मक आंकड़ों को हथियार बनाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने भी विपक्ष पर पलटवार करने के लिए कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश और राजस्थान में पेट्रोल, डीजल, चावल, दाल व अन्य वस्तुओं के तुलनात्मक आंकड़ों को हथियार बनाया और ये जताने की कोशिश की कि उत्तराखंड की सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में काफी हद तक कामयाब रही है।

विपक्ष के नोटबंदी और जीएसटी को लेकर उठाए गए सवालों का उन्होंने यह कहकर जवाब दिया कि उत्तराखंड में 2017 विधानसभा चुनाव में और 2019 में लोकसभा चुनाव में जनता इसका जवाब दे दिया है। उनके जवाब से असहमत नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार महंगाई रोकने के उपाय के बारे में बताने में नाकाम रही है। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिगर्मन करने की बात कही और सभी सदस्य सदन से बाहर चले गए। मंहगाई पर विपक्षी विधायक प्रीतम सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल, करन माहरा, काजी निजामुद्दीन, हरीश धामी, राजकुमार, ममता राकेश और आदेश चौहान ने सरकार की आलोचना की और उसे गरीब विरोधी करार दिया।

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