फिल्म पद्मावती मामला: भंसाली संसद में पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन आईटी के सामने पेश।

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फिल्म पद्मावती पर चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सेंसर बोर्ड के चीफ प्रसून जोशी ने विवाद को लेकर पार्लियामेंट्री पैनल के सामने अपनी बात रखी। न्यूज एजेंसी को सोर्सेस ने बताया कि जोशी ने पैनल से कहा- फिल्म को अभी अप्रूवल नहीं दिया गया है। इस बीच फिल्म के डायरेक्टर भंसाली भी संसद में पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन आईटी के सामने पेश हुए। प्रसून जोशी भी इस कमेटी के सामने आज पेश होंगे। बता दें कि फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होनी थी, लेकिन भारी विरोध और करीब पांच राज्यों में बैन के बाद इसकी स्क्रीनिंग को टाल दिया गया है।

न्यूज एजेंसी को सोर्सेस ने बताया, “प्रसून जोशी ने पद्मावती पर आई पिटीशंस को लेकर लोकसभा कमेटी से कहा कि सेंसर बोर्ड ने केवल फिल्म के प्रोमो और ट्रेलर को मंजूरी दी है। पद्मावती फिल्म पर फैसला एक्सपर्ट को दिखाने के बाद लिया जाएगा। जब पैनल के मेंबर ने सवाल किया कि क्या सेंसर बोर्ड चीफ ने खुद ये फिल्म देखी है? इस पर जोशी का जवाब था- नहीं।”

बता दें कि लोकसभा कमेटी में राजस्थान के बीजेपी MPs सीपी जोशी और ओम बिरला ने पिटीशन दाखिल की थी। इसमें कहा गया था कि फिल्म पद्मावती का कंटेंट ऑब्जेक्शनेबल है। कमेटी ने प्रसून जोशी और संजय लीला भंसाली को पेश होने को कहा था।

फिल्म पद्मावती को लेकर संजय लीला भंसाली ने 30 मेंबर वाली पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन आईटी से मुलाकात की। जोशी भी थोड़ी देर में कमेटी के सामने पेश होंगे। कमेटी ने CBFC और इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग के अफसरों को भी बुलाया है। पैनल के चेयरमैन अनुराग ठाकुर हैं।

सुप्रीम कोर्ट दो बार इस फिल्म पर बैन लगाने की पिटीशन खारिज कर चुका है। पहली बार 10 नवंबर को, वहीं दूसरी बार 28 नवंबर को अर्जी खारिज की।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा- “जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को कानून के मुताबिक काम करना चाहिए और फिल्म को लेकर कोई कमेंट नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये मामला अभी सेंसर बोर्ड में लंबित है। उनके कमेंट्स सेंसर बोर्ड के मेंबर्स के फैसले पर असर डाल सकते हैं।”
राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए।
विरोध मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक तक पहुंच गया है। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी में सरकार ने इसे रिलीज नहीं करने की बात कही।
राजस्थान की राजपूत करणी सेना के अलावा राजघराने भी फिल्म के खिलाफ हैं। इनकी मांग है कि इसे रिलीज करने के पहले उन्हें दिखाई जाए।
राजनाथ सिंह, उमा भारती, लालू प्रसाद यादव, यूपी सीएम समेत कई नेताओं ने बयान दिए कि लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
राजपूतों ने चित्तौड़गढ़ का किला बंद रखकर भी प्रदर्शन किया था।
करणी सेना ने शूर्पणखा की तरह दीपिका पादुकोण की नाक काटने, हरियाणा के बीजेपी नेता ने दीपिका और भंसाली का सिर काटने पर 10 करोड़ के इनाम का एलान किया था।

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