डॉ. सुजाता संजय युवा अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित

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देहरादून, 30 अप्रैल। संजय ऑर्थोपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर, देहरादून उत्तराखंड की प्रसिद्व स्त्री एवं प्रसूति रोग विषेशज्ञ डॉ सुजाता संजय को एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में नोर्थ जोन युवा फोग्सी की कांफ्रेस के दौरान को युवा अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया। डॉ सुजाता संजय के निःस्वार्थ भाव से सामाजिक एवं चिकित्सा के क्षेत्र में दूरस्थ क्षेत्रों स्कूलों, कॉलेजों एवं गर्भवती महिलाओं के लिये किये गये जन-जागरूकता व्याख्यान, मातृत्व से सम्बधित जानकारी एवं निःशुल्क चिकित्सा के लिए यह सम्मान मिला। डॉ सुजाता संजय द्वारा 6 साल की अवधि में 210 से भी अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविरों द्वारा पाँच हजार आठ सौ से भी अधिक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिया। जिसको कि इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस ने अपनी आईबीआर 2017 में शामिल किया। डॉ सुजाता संजय ने बताया कि हमारे राज्य की महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति को ठीक करने के लिए वर्ष 2010 में निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर करने का ध्येय किया। उनका मानना है कि महिलाऐं अपने घर-परिवार की देखरेख एवं पारिवारिक समस्याओं के चलते अपने स्वास्थ्य को अनदेखा कर देती है जिसकी वजह से उनको शारीरिक परेशानियॉ घेर लेती है। इसको देखते हुए उन्होंने देहरादून के आसपास एवं पहाडी क्षेत्रों में जाकर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ सुजाता संजय द्वारा करीब अब तक 107 से भी अधिक रेडियो पर अपने स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्यक्रम किये। यह देश की एकमात्र स्त्री एवं प्रसूति रोग विषेशज्ञ है जिन्होंने केवल महिलाओं के स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्यक्रम किये है जिसको कि इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड ने आईबीआर 2017 में सम्मिलित किया जा चुका है। डॉ सुजाता संजय प्रदेश की एकमात्र स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेष हैं जिन्होंने वर्ष 2012 में एक गुर्दा प्रत्यारोपित महिला का सफलतापूर्वक प्रसव कराने का श्रेय प्राप्त किया था। डॉ सुजाता संजय ने मात्र 32 वर्ष की आयु में यह कीर्तिमान हासिल किया। डॉ सुजाता संजय भारत की एक मात्र एवं प्रथम स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ है जिनका चयन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किया गया था। जिन्हें भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनका उद्देश्य उत्तराखंड की प्रत्येक महिला एवं बेटियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। उनका मानना है कि एक स्वस्थ महिला ही एक स्वस्थ परिवार का निर्माण कर सकती है जिससे कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण किया जा सकें।

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